Sunday, November 25, 2018

राम मंदिर पर अयोध्या में संतों की धर्मसभा की आंखों देखी

शनिवार तक कड़ी सुरक्षा में चौबंद अयोध्या की सड़कों पर रविवार तड़के से ही 'जय श्रीराम', 'मंदिर वहीं बनाएंगे' जैसे नारों की गूंज सुनाई पड़ने लगी.

एक दिन पहले तक शांत दिख रहे इस छोटे, लेकिन मशहूर शहर में हलचल एकाएक बढ़ी और भीड़ का अंदाज़ा लगाने वालों के आंकड़े एक बार ग़लत साबित होते दिखने लगे.

धर्म सभा का कार्यक्रम बड़ी भक्तमाल की बगिया में रखा गया था जिसकी दो वजहें थीं- एक तो ये शहर से थोड़ा बाहर था, दूसरे विश्व हिन्दू परिषद ने भक्तों के जितनी बड़ी संख्या में पहुंचने का अनुमान लगाया था, उसके लिए वैसे ही बड़े परिसर की ज़रूरत थी.

कार्यक्रम की शुरुआत 11 बजे से होनी थी, लेकिन संतों और लोगों का जुटना सुबह से ही शुरू हो चुका था. बड़े से मंच पर सौ से भी ज़्यादा संत विराजमान थे जिनमें नृत्यगोपाल दास, राम भद्राचार्य, रामानुचार्य जैसे कई बड़े नाम भी थे.

कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाली सड़कों पर भीड़ की वजह से कई जगह ज़बर्दस्त जाम लगा, हालांकि लोगों को रोकने के लिए  लेकिन सड़कों पर लोगों की भीड़ के साथ गाड़ियां भी रेंगती मिलीं. धर्म सभा में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी पहुंचे थे और जगह-जगह वो भी भीड़ से या फिर लंच पैकेट के लिए संघर्ष करते मिले.

शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे के संवाददाता सम्मेलन के बाद धर्म सभा स्थल तक पहुंचने में कम से कम दो घंटे लग गए. ये दूरी क़रीब पांच किमी थी. उद्धव ठाकरे का संवाददाता सम्मेलन लखनऊ-फ़ैज़ाबाद हाइवे पर स्थित एक होटल में था और इस हाइवे पर लगातार वो बसें दौड़ रही थीं जिनमें बैठकर लोग धर्म सभा की ओर जा रहे थे.

बसों के भीतर लोगों की संख्या भले ही कम रही हो, लेकिन उनके नारों की गूंज ज़बर्दस्त थी और मीडिया वालों को देखकर नारों की आवाज़ और भक्तों की ऊर्जा में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा सकती थी.

संघ का सहयोग था
धर्म सभा स्थल तक पहुंचने के बाद भी अंदर घुसने में लोगों को जमकर संघर्ष करना पड़ रहा था. वजह ये थी कि लोग अंदर भी जा रहे थे और बाहर भी आ रहे थे. बाहर आने वालों में से कुछ का कहना था कि उन्होंने संतों की बात सुन ली, जबकि कई लोग ग़ुस्से में चले आ रहे थे कि वो अंदर तक जा ही नहीं पाए, इसलिए लौट रहे हैं.

धर्म सभा का आयोजन वीएचपी की ओर से किया गया था, लेकिन इसमें संघ परिवार का सहयोग उसे पूरी तरह से मिला और मंच से इस बारे में घोषणा भी की गई. भारतीय जनता पार्टी ने धर्म सभा से दूरी ज़रूर बना रखी थी, लेकिन बीजेपी के कई नेताओं और विधायकों के होर्डिंग्स ये बता रहे थे कि बीजेपी नेताओं ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है.

भीड़ में साथ चल रहे बहराइच से आए एक सज्जन पूछ बैठे कि आपके हिसाब से कितने लोग आए हैं? मेरी अनभिज्ञता का जवाब उन्होंने 'लाखों में' कहकर दिया. लेकिन पत्रकारों से बातचीत में इसके बारे में अलग-अलग जानकारी मिली.

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